टमाटरफल और सब्जियांबागवानी

टमाटर की सुधरी हुई, बेहतर और वैज्ञानिक खेती

टमाटर की खेती आपके सबसे फायदेमंद खेती के निवेशों में से एक हो सकती है। आप टमाटर की खेती की भूमि से अच्छा परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। बाजार में इस फल की मांग हमेशा ज्यादा होती है। टमाटर के स्वास्थ्य लाभ आपके शरीर को स्वस्थ रख सकते हैं और यह आपकी त्वचा को साफ और स्वस्थ रखता है। आइये इस फायदेमंद और पौष्टिक सब्जी की खेती की पूरी प्रक्रिया और बेहतर तौर तेरीकों के बारे में नीचे की लइनों में विस्तार से समझते हैं।

यदि आप इस खेती में निवेश करने जा रहे हैं तो आपको इस फल और इसकी प्रकृति पर कुछ आवश्यक ज्ञान इकट्ठा करने की आवश्यकता है। यह फल आपको सभी आवश्यक पोषक तत्वों और विटामिनों को प्राप्त करने में मदद कर सकता है। आप इस फल को साथ में मिला कर विभिन्न व्यंजनों के स्वाद को भी बढ़ा सकते हैं। इन दिनों टमाटर का उपयोग बढ़ रहा है।

टमाटर की खेती से होने वाले विभिन्न लाभ

टमाटर से आप विभिन्न प्रकार के स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं। आपको यह जानने की जरूरत है कि बाजार में इस फल की बड़ी मांग क्यों है और आपको इस खेती में निवेश करने की आवश्यकता क्यों है।

  • यह एंटीऑक्सिडेंट (Antioxidants) का एक अच्छा स्रोत है।
  • यह रक्त में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है। इस प्रकार यह एक ही समय में ह्रदय की भी रक्षा कर सकता है।
  • टमाटर के उपभोग से आप अपनी आँखों की रोशनी भी सही रख सकते हैं।
  • यह पाचन तंत्र को भी अच्छी तरह से सक्रिय रखता है।
  • आप नियमित तौर पर टमाटर का उपभोग करके रक्तचाप (Blood Pressure) के स्तर को ठीक रख सकते हैं।
  • टमाटर का रस आपके रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।

दुनिया के सबसे ज्यादा टमाटर उत्पादक देश

श्रेणीदेशउत्पादन (मीट्रिक टन)
1चीन41879684
2इंडिया16826000
3अमेरीका12902000
4तुर्की10052000
5मिस्र8544990
6इटली6024800
7ईरान5256110
8स्पेन4312700
9ब्राज़िल3691320
10मेक्सिको2997640

बाजार में उपलब्ध टमाटर के विभिन्न प्रकार

इसकी उत्पत्ति, रंग और स्वाद के आधार पर टमाटर के विभिन्न प्रकार होते हैं। ऐसे कई राज्य और देश हैं जहां आप कई प्रकार के टमाटर पा सकते हैं जिनका बाजार में बहुत काफी मांग है। टमाटर के प्रकार नीचे वर्णित हैं।

चेरी टमाटर (Cherry Tomatoes): इस प्रकार के टमाटर अपने स्वाद के लिए जाने जाते हैं. ये टमाटर न केवल स्वाद में मीठे होते हैं बल्कि बहुत रसदार भी होते हैं।

चेरी टमाटर (Cherry Tomatos)

 

हियरलूम टमाटर (Heirloom Tomatoes): ह एक और प्रकार का टमाटर है जो बड़े पैमाने पर बाजार में उपलब्ध है. यह बहुत कम समय के लिए पके हुए स्थिति में रहता है।

हियरलूम टमाटर (Heirloom Tomatos)

 

रोमा टमाटर (Roma Tomatoes): यह एक और प्रकार का टमाटर है जिसमें बहुत कम मात्रा में रस होता है। इस टमाटर में बीजों की मात्रा कम होती है लेकिन ये बीज औरों की तुलना में मोटे होते हैं।

 रोमा टमाटर (Roma Tomatoes)

 

नाशपाती टमाटर (Pear Tomatoes): यह नाशपाती के आकार के साथ टमाटर का एक और रूप है। इन टमाटरों में भी रस की कम मात्रा होती है।

                             नाशपाती टमाटर (Pear Tomatos)

टमाटर की व्यापारिक खेती के लिए जलवायु

टमाटर के बीज को बहुत ज्यादा तापमान में डालने से बचाना चाहिए। 26 से 32 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच का तापमान ठीक रहेगा। आपको फसलों या बढ़ते पौधे को शुष्क हवाओं से बचाने की जरूरत है क्योंकि यह फूलों के गिरने के पीछे एक कारण हो सकता है और यह पौधों को भी नुकसान पहुंचा सकता है। जब टमाटर के रंग विकसित होते हैं तो तापमान 18 डिग्री से 26 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच होने की आवश्यकता होती है।

टमाटर की खेती के लिए आवश्यक मिट्टी

टमाटर के फसल के बीज के लिए आपको अच्छी गुणवत्ता वाली रेतीले या अच्छी तरह से सुखी मिट्टी चुननी होगी। आपको मिट्टी के पीएच (pH) स्तर को बनाए रखने की जरूरत है और यह 6.0 से 7.0 के बीच होना चाहिए। यदि आप टमाटर के फसल से पहले मिट्टी का टेस्ट करवा लें तो यह आपके लिए बेहतर हो सकता है

टमाटर की खेती के लिए आवश्यक कदम

टमाटर की खेती शुरू करने के लिए आपको जिस सबसे महत्वपूर्ण चीज की आवश्यकता होती है वो है टमाटर के बीज। यदि आप नर्सरी में टमाटर के बीज से पौधा तैयार कर रहे हैं तो आपको पौध रोपण से एक महीने पहले इन बीजों को नर्सरी में डालना होगा। टमाटर के पौध रोपण के समय आपको इन पौधों की क्यारियों के बीच की दूरी को 60 सेमी से 100 सेमी तक बनाए रखना चाहिए। और क्यारियों की लम्बाई को अपने सुविधा के अनुशार रख सकते हैं. आपको 1 महीने से 45 दिनों की अवधि के लिए पॉलीथीन के साथ कवर करके नर्सरी की मिट्टी को सूर्य की रोशनी में रखने की आवश्यकता है। यह प्रक्रिया अन्य प्रकार के खरपतवार को नर्सरी में उगने से बचाएगा।

यह बीज को किसी भी बैक्टीरिया, बीमारियों या यहां तक ​​कि कीटों से भी बचाएगा। आपको हमेशा इस तथ्य को ध्यान में रखना चाहिए कि तैयार की गई भूमि में एक समान तरीके से खेत के खाद की पर्याप्त मात्रा को डालने की आवश्यकता है। अगर आप उचित तरीके से खाद को मिटटी में मिलाते हैं, तो यह आपको उचित खेती या बीज के अंकुरण शुरू करने में मदद करेगा। जब भी हो पाए, आपको नीम की खाद को भी नर्सरी में डालना चाहिए। इससे किसी भी कीट से बीजों को नष्ट होने से बचाने की संभावना बढ़ जाएगी।

टमाटर की खेती के लिए आप भूमि / मिट्टी कैसे तैयार करेंगे?

हमेशा ध्यान रखें कि आपको भूमि को इस तरह से तैयार करना चाहिए ताकि यह पिछली फसलों के समय के किसी भी खरपतवार से मुक्त हो जाए। कम से कम 2 से 3 बार खेत को जोत देने से ताकि जमीन ठीक से तैयार हो जाएगी। खेत की मिटटी में आवश्यक खाद जैसे की  गाय गोबर, नीम केक, कम्पोस्ट आदि को मिला कर मिटटी को पोषक तत्त्वों से सम्रिद्द्ध कर लें।

आप साल के किसी भी हिस्से के दौरान टमाटर उगा सकते हैं। हालांकि ऐसा करने के लिए आपको हमेशा यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध है। आप वर्ष में 3 फसलों को आसानी से विकसित कर सकते हैं। आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि टमाटर के बीज का पहला प्रत्यारोपण दिसंबर से जनवरी की अवधि के दौरान हो। इसके बाद, दूसरा जून से जुलाई महीने में किया जाना चाहिए। और अंत में, अंतिम प्रत्यारोपण सितंबर से अक्टूबर के महीने में किया जाना चाहिए। ये सभी गतिविधियां इस कारक पर निर्भर करती हैं कि सिंचाई सुविधाएं पर्याप्त हैं।

टमाटर की खेती के लिए उर्वरक और खाद क्या हैं?

कीटों, बैक्टीरिया, कवक, बीमारियों से फसलों की रक्षा के लिए विभिन्न प्रकार के खाद या उर्वरक भी हैं जिन्हें आप पौधे में जोड़ सकते हैं। टमाटर की उचित खेती के लिए आपको खेती बारी के सड़े गले अवशेषों (rotten farmyard manures) को खाद के तौर पर इस्तेमाल का सहारा लेना चाहिए, यह खाद के रूप में बहुत शक्तिशाली होता है और सबसे प्रभावी होता है। यह सभी प्रकार की बीमारियों को हटा देता है जो टमाटर की खेती के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।

टमाटर की खेती के लिए सिंचाई के लिए कदम

टमाटर की खेती में, आपको हमेशा यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सिंचाई प्रक्रिया सही समय पर और सही तरीके से उपलब्ध हो। गर्मियों के मौसम के दौरान, आपको 4 से 7 दिनों के अंतर के अंतराल पर सिंचाई कार्य करना चाहिए। अन्य फसलों के जैसे ही टमाटर के फसल में भी, सिंचाई प्रक्रिया मुख्य रूप से कई कारकों पर निर्भर करती है। मौसम, मिट्टी में नमी के स्तर और मिट्टी का प्रकार सिंचाई की प्रक्रिया अंतराल को निर्धारित करते हैं। तो गर्मियों के मौसम के विपरीत, अन्य मौसम में सिंचाई प्रक्रिया 8 से 12 दिनों के अंतराल पर किया जाना चाहिए।

यदि किसी मौके पर सूखे की स्थिति होती है और ऐसे में खेतों में सिंचाई या पानी दिया जाता है, तो इससे फलों के फटने (Cracking) की शिकायत हो सकती है और इसके परिणामस्वरूप भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। ऐसी परिस्थिति में जब सूखे जैसी स्थिति हो तब फसल की सिचाई में ड्रिप सिचाई (Drip Irrigation) के तरीके को अपनाना चाहिए हालांकि, साथ ही, आपको इस तथ्य को ध्यान में रखना चाहिए कि ड्रिप सिंचाई को 2 से 3 दिनों के नियमित अंतराल पर किया जाना चाहिए।

टमाटर की खेती में लगने वाले विभिन्न प्रकार के कीट और बीमारियाँ और इनके नियंत्रण के उपाय

ऐसी कई कीट और बीमारियां हैं जिनके बारे में आपको अवगत होना चाहिए जो आपके टमाटर की खेती को आसानी से नुकसान पहुंचा सकते हैं।

पौधों को संक्रमित करने वाले कुछ कीट ग्राम पूड बोरर (gram pood borer), सर्पटाइन पत्ता खनिक (serpentine leaf miner), तंबाकू कैटरपिलर (tobacco caterpillar), रूट गाँठ (root knot) हैं। निमाटोड (Nematodes) सबसे घातक कीट कीटों में से एक है जो टमाटर की खेती के लिए बहुत हानिकारक है।

इसी तरह, टमाटर के पौधों को तमाम प्रकार के बैक्टीरिया (bacteria), कवक (fungus), वायरस (viruses) के विभिन्न प्रकार के प्रजातियों से भारी नुकसान हो सकता है। उनमें से सबसे आम बैक्टीरियल स्पॉट(bacterial spot), जीवाणु कैंकर(bacterial canker), प्रारंभिक उज्ज्वल(early bright), पत्ती कर्ल(leaf curl) और मोज़ेक(mosaic) हैं।

आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ये सभी कीट और बीमारियां आपके टमाटर की खेती को प्रभावित न करें। आपको खेत में सामयिक फसल रोटेशन (periodic crop rotation) सुनिश्चित करना चाहिए, सर्वोत्तम उपलब्ध जल निकासी सुविधा प्रदान करना चाहिए और सभी वायरस से ग्रसित पौधों को खेत से निकल बाहर करना चाहिए और साथ ही समय-समय पर और सही मात्रा में आवश्यक उर्वरकों को भी खेतों में अवश्य डालना चाहिए।

टमाटर की खेती में फसल के कटान और भण्डारण के उचित तौर तरीके 

आप टमाटर के फल को पौधों के रोपण के 8 से 12 सप्ताह तक होने पर परिपक्व होने की उम्मीद कर सकते हैं। आपको हमेशा पूरी तरह से विकसित हो चुके, लाल और स्वस्थ टमाटरों को ही पेड़ों से चुनना चाहिए। आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कम से कम 6 से 7 बार टमाटरों की तोड़ाई के बाद ही आप टमाटरों को बीज के लिए तोडें। टमाटर के फल की तोड़ाई (harvesting) के समय ये ध्यान रखना चाहिए की पौधों को नुकसान न हो पौधों को क्षतिग्रस्त होने से बचाएँ। पूरी कटाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, आपको टमाटरों को उनके आकार के अनुसार ग्रेड(Grade) करना चाहिए और अलग इकठ्ठा करना चाहिए। आपको इन टमाटरों का उचित भंडारण सुनिश्चित करना चाहिए और उसके बाद उन्हें स्थानीय बाजार में बिक्री के लिए भेजना चाहिए।

टमाटर की खेती की पैदावार

यदि आप उचित रूप से भूमि / मिट्टी की तैयारी के साथ टमाटर की खेती करते हैं तो बेसक आपकी टमाटरों की खेती की पैदावार बहुत अच्छी होगी। न केवल मिट्टी की स्थिति या भूमि की तैयारी फसल पैदावार निर्धारित करती है बल्कि आपको अच्छी सिंचाई सुविधाओं, उचित कटाई गतिविधियों और अंततः उचित भंडारण सुविधाओं के साथ उचित कृषि प्रबंधन कौशल की आवश्यकता है जो आपको अधिक गुणवत्ता और उत्पादन वाले टमाटर उगाने में मदद करेगी और इस प्रकार इस फसल की खेती से आपके राजस्व में वृद्धि होगी।

टमाटर की खेती के निष्कर्ष

व्यापारिक या व्यवसायिक उद्देश्य से टमाटर लगाना आपके लिए एक अच्छा विचार हो सकता है। लेकिन आपको बाजार से ज्यादा से ज्यादा राजस्व अर्जित करने के लिए कुछ बातों को ध्यान में रखने की जरूरत है। बाजार में गुणवत्ता और प्रतिष्ठा को बनाए रखने के लिए आपको जल्द से जल्द टमाटर के पैदावार की बाजार में आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए। आपको यह ध्यान में रखना होगा कि पके हुए टमाटर लंबे समय तक संरक्षित नहीं किए जा सकते हैं। इसलिए, आपको इसे चुनने के तुरंत बाद इसे बाजार में ले जाना होगा। बाजार में टमाटर की मांग साल भर हमेशा अधिक होती है। आप इस खेती में अच्छी राशि निवेश करके अच्छा राजस्व कमा सकते हैं। आपको अपनी भूमि को अच्छी तरह से रखने और सही परिणाम प्राप्त करने के लिए पूरी तरह से बढ़ते पौधों की देखभाल करने की आवश्यकता है। टमाटर के उत्पादन के लिए मिट्टी और जमीन को सही ढंग से चुना जाना चाहिए।

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