मिट्टी और उर्वरक

मृदा संबाधित जानकारियों पर आधारित प्रश्नोत्तेरी – जाने आपने मिट्टी को और भी बेहतर

 

1-प्रश्न-विगत कई वर्षो से धान-गेहूँ की खेती कर रहा हूँ। अनुभव में आ रहा है कि गेहूँ की उपज कम होती जा रही है।
उत्तर-धान गेहूँ का फसल चक्र अधिक पोषक तत्व की मॉंग करता है। जिससे भूमि कमजोर हो जाती है। इसलिए गेहूँ की उपज कम हो रही है। अतः गेहूँ की कटाई के बाद तथा धान की रोपाई के पहले खेतों में हरी खाद का प्रयोग तथा औसतन 10 कुन्तल गोबर की खाद का प्रयोग करें।
2-प्रश्न-खेत बंजर की स्थिति में है कई वर्षो से कुछ भी नहीं होता है क्या करें।
उत्तर-कृषि वानिकी अपनाएं। औषधीय पौधों की खेती कर सकते है। सरकार की तरफ से औषधीय खती पर प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत प्रशिक्षण भी दिया जाता है।
3-प्रश्न-खेत का रकबा कम है गुजर बसर नहीं हो पाता क्या करें।
उत्तर-कृषि उद्यमिता अपनाएं। वर्मी कम्पोस्ट/नाडेप कम्पोस्ट तैयार कर बिक्री कर सकते है बहुंत मॉंग है। औद्यानिक एक सफल रास्ता है। उसे अपनाएं।
4-प्रश्न-हमारे जिले में आत्मा चल रही है। इससे कैसे लाभ पायें।
उत्तर-अच्छी बात है कि आपको आत्मा की जानकारी है। आत्मा की परियोजनाओं पर जनपद के सभी किसानों का हक है। आप सीधे आत्मा सचिव से मिले तथा इच्छुक परियोजना से लाभ पायें।
5-प्रश्न-खेती एक घाटे का धंधा है, इसे लाभकारी कैसे बनाएं।
उत्तर-सरल और सस्ता उपाय है। विविधीकरण को अपनाएॅं अर्थात अपने खेतों पर उद्यानिकी, मुर्गीपालन, पशुपालन, मधुमक्खीपालन तथा मशरूम की खेती आदि अपनाएं।
6-प्रश्न-खेती के लिए सबसे अच्छी मिट्टी कौन सी होती है।
उत्तर-दोमट मिट्टी में सभी प्रकार की फसलें अच्छी उपज देती है।
7-प्रश्न-स्वस्थ मृदा क्या है?
उत्तर-स्वस्थ मृदा का मतलब है कि उसमें फसल उगाने की ताकत के साथ साथ आवश्यक पोषक तत्वों की भरपूर मात्रा हो और नमी रोकन की क्षमता हो।
8-प्रश्न-मिट्टी में मुख्य पोषक तत्व कौन-कौन से है?
उत्तर-मुख्य तत्व तीन होते है 1. नत्रजन, 2. फास्फोरस, 3. पोटाश। इन्हीं से उत्पादन में वृद्धि होती है।
9-प्रश्न-देशी खाद के प्रयोग से मुख्य लाभ क्या है ?
उत्तर-मृदा स्वस्थ होती है तथा लम्बे समय तक उत्पादन मिलता रहता है।
10-प्रश्न-अच्छी देशी खाद कैसे बनायें ?
उत्तर-नाडेप-विधि द्वारा, कम्पोस्ट के गड्ढे तैयार करके तथा वर्मीकम्पोस्ट तैयार कर देशी खाद उत्तम गुणवत्ता की तैयार कर सकते हैं ?
11-प्रश्न-सूक्ष्म-पोषक तत्व क्या है ?
उत्तर-फसलों को जिन पोषक तत्वों की कम मात्रा (1 पीपीएम) की आवश्यकता होती है उसे सूक्ष्म पोषक तत्व कहते हैं जैसे – जिंक, लोहा, कॉंपर, बोरान एवं मैग्नीज, मालीबिडनम।
12-प्रश्न-क्या देशी खाद में सूक्ष्म पोषक तत्व पाये जाते है ?
उत्तर-हॉं, देशी खाद में मुख्य पोषक तत्व के साथ-साथ सूक्ष्म पोषक तत्व भी पाये जाते हैं।
13-प्रश्न-जिंक की कमी से क्या उत्पादन घटता है ?
उत्तर-जिंक की कमी से पौधों की पत्तियों पर सफेद एवं भूरी धारियॉं दिखायी देती है। इसकी कमी से सभी फसलों का उत्पादन घट जाता है।
14-प्रश्न-जिंक की कमी को कैसे जाने ?
उत्तर-किसी भी पोषक तत्व की जानकारी के लिए मिट्टी परीक्षण कराना अति आवश्यक है। पुरानी पत्तियों पर पीले-पीले धब्बे जो बाद में भूरे रंग के हो जाते हैं।
15-प्रश्न-अपनी मिट्टी पहचानों अभियानक्या है ?
उत्तर-उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाया गया यह कार्यक्रम मिट्टी परीक्षण कराकर अपनी मिट्टी की ताकत जानने का अभियान है ।
16-प्रश्न-मिट्टी की जॉंच कहॉं से और कब करायें ?
उत्तर-प्रदेश के सभी जनपद मुख्यालयों पर मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित है, जहॉं से जॉंच करायी जा सकती है। फसल बोने के पहले खाली खेत से मिट्टी 6 इंच गहरे (ऊपर से नीचे तक) गडढे से लेकर थैली में भरकर नाम, पता लिखकर मिट्टी परीक्षण केन्द्र पर भेजे। इसके लिए विकास खण्ड पर सम्पर्क करें।
17-प्रश्न-मिट्टी की जॉंच कहॉं से और कब करायें ?
उत्तर-प्रदेश के सभी जनपद मुख्यालयों पर मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित है, जहॉं से जॉंच करायी जा सकती है। फसल बोने के पहले खाली खेत से मिट्टी 6 इंच गहरे (ऊपर से नीचे तक) गडढे से लेकर थैली में भरकर नाम, पता लिखकर मिट्टी परीक्षण केन्द्र पर भेजे। इसके लिए विकास खण्ड पर सम्पर्क करें।
18-प्रश्न-मिट्टी परीक्षण पर व्यय कितना आता है?
उत्तर-मिट्टी परीक्षण में मुख्य पोषक तत्व जानने की फीस रू0 7.00 (साते रूपये) तथा सूक्ष्म पोषक तत्व सहित रूपये 37.00 (सैंतीस रूपये ) का खर्च आता है तथा यदि कोई सीमान्त किसान अपने खेत की मिट्टी का नमूना प्रयोगशाला स्वयं लेकर जाता है तो उसका परीक्षण प्राथमिकता के आधार पर निःशुल्क करते हुए उर्वरक/खाद प्रयोग करने की संस्तुति प्रदान की जाती है।
19-प्रश्न-मिट्टी परीक्षण में क्या केवल पोषक तत्व की जानकारी ही दी जाती है ?
उत्तर-नहीं, जानकारी के साथ-साथ फसलवार उर्वरकों की संस्तुति भी की जाती है। काम एक और लाभ अनेक।

साभार – कृषि विभाग – उत्तर प्रदेश सरकार 

Sadanand

Content Curator & Chemical Engineer programmed in a Farming Family and deeply embedded with rural ecosystem. Pro-bono Collection, Evaluation and Dissemination of Information on Health – Home – Hygiene of Rural Indian People

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