कृषि अर्थव्यवस्था

आइए जाने न्यूनतम समर्थन मूल्य को – कैसे होता है इसका निर्धारण?

किसान अपनी फ़सल को बाज़ार किसी भी क़ीमत पर बेच सकने की लिए स्वतंत्र है, लेकिन अगर कोई ख़रीदार नहीं मिला तो सरकार एक न्यूनतम मूल्य पर उसे ख़रीद लेती है। यह ख़रीद का न्यूनतम मूल्य है इससे नीचे उस फ़सल का दाम कभी नहीं गिर सकता है । क्या होता है न्यूनतम समर्थन मूल्य? किसी भी खाद्यान्न के लिए उत्पादन, आवश्यकता और मूल्य एक दुसरे से सम्बंधित हैं. अगर उत्पादन बढ़ जाता है तो फसल की बिक्री मूल्य कम हो जाती है. अत्यधिक उत्पादन से कृषि उत्पादों के  मूल्यों में भारी गिरावट को रोकने के लिए भारत सरकार मुख्य फसलों का एक न्यूनतम बिक्री मूल्य निरधारित करती है जो उस सत्र के लिए मान्य होता है. कृषि उत्पादों के मूल्यों में किसी तीव्र गिरावट को रोकने के लिए यह सरकार का एक सराहनीय हस्तक्षेप है . भारत सरकार द्वारा, कृषि लागत और मूल्य आयोग (C. A. C. P.) की अनुशंसाओं के आधार पर कुछ फसलों के बुवाई सत्र के आरम्भ में ही न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा किये जाने का प्राविधान है । न्यूनतम समर्थन मूल्य का मुख्य उद्देश्य किसान भाइयों को मजबूरीवश सस्ते कीमतों पर अनाज बिक्री से बचाना और  सार्वजनिक वितरण प्रणाली (P. D. S.) के लिए…
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