कपास

भारत में कपास की उन्नत खेती और अधिक पैदावार लेने के तरीके

खरीफ की नकदी फसलों में कपास का महत्वपूर्ण स्थान है। कपास की अधिक पैदावार लेने के लिए उन्नत किस्मों को सही समय पर बोने, उपयुक्त खाद देने व समय पर पौध संरक्षण के उपाय अपनाने की ओर विशेष ध्यान देना चाहिये। किस्में : हरियाणा के लिए  अमरीकन कपास : एच एस-6, एच-1098,  एच-1117, एच-1226, एच-1098 (संशोधित), एच-1236, एच-1300 अमरीकन कपास की संकर किस्में : एच एच एच 223, एच एच एच 287 देसी कपास की उन्नत किस्में : एच डी-107, एच डी-123, एच डी-324, एच डी-432 देसी कपास की संकर किस्म : ए ए एच-1 किस्में : संकर एवं BT किस्म मध्य प्रदेश के लिए   डी.सी.एच. 32, एच-8, जी कॉट हाई.10, बन्नी बी टी, डब्लूएचएच 09 बीटी, आरसीएच 2 बीटी, जेके एच-1, जे के एच 3 भूमि व खेत की तैयारी : रेतीली, लूणी और सेम वाली भूमि को छोड़कर इसकी खेती सभी प्रकार की भूमि में की जा सकती है। जमीन अच्छी प्रकार से तैयार करने के लिए 3-4 जुताइयां पर्याप्त है । अधिक पैदावार लेने के लिये जुताई गहरी की जानी चाहिए । पहली जुताई मिट्टी पलटने वाले हल से करनी चाहिए। खेत की अच्छी तैयारी के लिये दो बार हैरो या कल्टीवेटर से भी जुताई करें तथा प्रत्येक जुताई के बाद…
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