गेहूं

गेहूँ की उन्नत पैदावार के लिये खेती के वैज्ञानिक तौर तरीके

गेहूँ की उपज लगातार बढ रही है। यह वृध्दि गेहूँ की उन्नत किस्मों तथा वैज्ञानिक विधियों से हो रही है। यह बहुत ही आवश्यक है कि गेहूँ का उत्पादन बढाया जाय जो कि बढती हुई जनसंख्या के लिए आवश्यक है। गेहूँ की खेती पर काफी अनुसंधान हो रहा है और उन्नत किस्मों के लिए खेती की नई विधियां निकाली जा रही है। इसलिए यह बहुत ही आवश्यक है कि प्रत्येक किसान को गेहूँ की खेती की नई जानकारी मिलनी चाहिए जिससे वह गेहूँ की अधिक से अधिक उपज ले सके। गेहूँ की अधिक पैदावार प्राप्त करने के लिये निम्न बातों पर ध्यान देना आवश्यक है : १. शुद्घ एवं प्रमाणित बीज की बुआई बीज शोधन के बाद की जाये। २. प्रजाति का चयन क्षेत्रीय अनुकूलता एवं समय विशेष के अनुसार किया जायें। ३. तीसरे वर्ष बीज अवश्य बदल दिये जायें। ४. संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग मृदा परीक्षण के आधार पर सही समय पर उचित विधि से किया जायें। ५. क्रान्तिक अवस्थाओं (ताजमूल अवस्था एवं पुष्पावस्था) पर सिंचाई समय से उचित विधि एवं मात्रा में की जाय। ६. कीड़े एवं बीमारी से बचाव हेतु विशेष ध्यान दिया जाये। ७. गेहूँसा के प्रकोप होने पर उसका नियंत्रण समय से किया जाये। ८. अन्य क्रियायें संस्तुति के…
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