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कृषि उपकरणों पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दिए जाने वाले अनुदान

  1- प्रश्न- रोटावेटर किस कार्य में प्रयोग किया जाता है तथा इस पर अनुदान क्या है। उत्तर- रोटावेटर द्वारा एक ही बार में खेत की तैयारी अच्छी प्रकार हो जाती है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन अन्तर्गत 50 प्रतिशत अथवा रू0 30,000.00 जो भी कम हो तथा मैक्रोमोड योजना में मूल्य का 40 प्रतिशत अथवा रू0 20,000.00 में से जो भी कम हो । 2- प्रश्न- लेजर लेवलर क्या है। क्या प्रदेश में उपलब्ध है। उत्तर- खेत को समतल करने हेतु आधुनिक कृषि यन्त्र है। जो प्रदेश की समस्त भूमि संरक्षण इकाईयों पर उपलब्ध है। 3- प्रश्न- कोनोवीडर क्या है। उत्तर- एस0आर0आई0 पद्धति से धान की खेती में खरपतवार नियंत्रण हेतु प्रयोग किया जाने वाला यह कृषि यन्त्र है। 4- प्रश्न- सीड कम फर्टीड्रिल से क्या क्या कर सकते है तथा इस पर क्या अनुदान है। उत्तर- सीड कम फर्टीड्रिल से एक साथ खाद एवं बीज की बुवाई निश्चित गहराई पर कर सकते है तथा इस पर 50 प्रतिशत अथवा रू0 15000.00 में से जो भी कम हो का अनुदान अनुमन्य है। 5- प्रश्न- रोटावेटर चलाने के लिए कितने हार्स पावर ट्रैक्टर की आवश्यकता होती है। उत्तर- 40 हार्स पावर ट्रैक्टर की आवश्यकता होती हैं। 6- प्रश्न- राष्टीय खाद्य सुरक्षा…

कृषि विभाग उत्तर प्रदेश सरकार – महत्वपूर्ण दूरभाष नम्बर

  क्र० सं० अधिकारी का पदनाम मोबाइल नम्बर 1 कृषि निदेशक, उ०प्र० 9235629301 2 निदेशक, कृषि सांख्यिकी 9235629305 3 वित्त नियंत्रक 9235629306 4 अपर कृषि निदेशक, (प्रशासन) 9235629307 5 अपर कृषि निदेशक, (सामान्य) 9235629308 6 अपर कृषि निदेशक, (भू०सं०) 9235629309 7 अपर कृषि निदेशक, (बीज एवं प्रक्षेत्र) 9235629310 8 अपर कृषि निदेशक, (कृ०र०) 9235629311 9 अपर कृषि निदेशक, (प्रसार) 9235629312 10 अपर कृषि निदेशक, (परियोजनाएं) 9235629313 11 अपर कृषि निदेशक, (आईसोपाम) 9235629314 12 संयुक्त कृषि निदेशक, (ब्यूरो) 9235629315 13 संयुक्त कृषि निदेशक, (रा०जला०) 9235629316 14 संयुक्त कृषि निदेशक, (नियोजन) 9235629317 15 संयुक्त कृषि निदेशक, (गोमती) 9235629318 16 संयुक्त कृषि निदेशक, (गु०नि०) 9235629319 17 संयुक्त कृषि निदेशक, (शो०एवं मृ०) 9235629320 18 संयुक्त कृषि निदेशक, (उर्वरक) 9235629321 19 संयुक्त कृषि निदेशक, (दलहन) 9235629322 20 संयुक्त कृषि निदेशक, (धान्य फसलें) 9235629323 21 संयुक्त कृषि निदेशक, (सांख्यिकी) 9235629324 22 संयुक्त कृषि निदेशक, (अभियन्त्रण) 9235629325 23 संयुक्त कृषि निदेशक, लखनऊ 9235629383 24 संयुक्त कृषि निदेशक, गोण्डा 9235629414 25 संयुक्त कृषि निदेशक, बस्ती 9235629670 26 संयुक्त कृषि निदेशक, वाराणसी 9235629671 27 संयुक्त कृषि निदेशक, इलाहाबाद 9235629672 28 संयुक्त कृषि निदेशक, सहारनपुर 9235629464 29 संयुक्त कृषि निदेशक, फैजाबाद 9235629471 30 संयुक्त कृषि निदेशक, गोरखपुर 9235629489 31 संयुक्त कृषि निदेशक, आजमगढ़ 9235629673 32 संयुक्त कृषि निदेशक, मिर्जापुर 9235629674…

डेंगू का कारण लक्षण, बचाव और इलाज – एक विस्तृत विवरण

जानिए डेंगू के लक्षण, बचाव और इलाज हर साल दुनिया में लगभग 10 करोड़ लोग डेंगू के शिकार होते है। भारत में भी हर साल कई लोगो की इसके कारण मृत्यु हो जाती है। डेंगू यह एक मच्छर के काटने से फैलनेवाला संक्रामक रोग हैं। हम सब मिलकर इस रोग से लड़ सकते है और इसे जड़ से मिटा सकते हैं। जरुरत है तो सिर्फ इस रोग के बारे में सभी लोगो में जागरूकता निर्माण करने की और स्वच्छता रखने की। समय की जरुरत है की इस बीमारी के बारे में लोगो में अधिक से अधिक जागरूकता फैलाई जाए। इस लेख द्वारा मेरी कोशिश है की, आपको Dengue Fever सम्बन्धी अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त हो। आज कल न्यूज़ चैनल और अखबारों में जिस खबर की सबसे ज्यादा चर्चा है वह है डेंगू  (dengue) और चिकुनगुनिया. बहुत से लोग अनजाने में इसके लक्षण पहचाहने में काफी देरी कर देते है जिसकी वजह से यह बुखार काफी तेजी से मरीज को अपनी चपेट में ले लेता है. तो चलिए इस पोस्ट में हम आपको बताते है की डेंगू बुखार क्या होता है, डेंगू कैसे फैलता है, इसके लक्षण क्या है और इससे कैसे बचा जा सकता है. क्या होता है डेंगू डेंगू (dengue) एक…

सितंबर माह के कृषि कार्य

सितम्बर फसलोत्पादन धान  धान में नाइट्रोजन की दूसरी व अन्तिम टाप ड्रेसिंग बाली बनने की प्रारम्भिक अवस्था (रोपाई के 50-55 दिन बाद) में, अधिक उपज वाली प्रजातियों में प्रति हेक्टेयर 30 किग्रा (65 किग्रा यूरिया) तथा सुगन्धित प्रजातियों में प्रति हेक्टेयर 15 किग्रा (33 किग्रा यूरिया) की दर से करें। धान में बालियॉ फूटने तथा फूल निकलने के समय पर्याप्त नमी बिनाये रखने के लिए आवश्यकतानुसार सिंचाई करें। धान के भूरे फुदके से बचाव के लिए खेत में पानी निकाल दें। नीम आयल 5 लीटर प्रति हेक्टेयर की दर से प्रयोग करना चाहिए। संकर धान (1) गंधी कीट के नियंत्रण के लिए इंडोसल्फान 4% धूल या क्कीनालफ़ॉस 1.5 टक्के धूल की 25 किलोग्राम मात्रा का भुरकाव प्रति हेक्टर की दर से या मोनोक्रोटोफ़ॉस 36 ई.सी. (1.5 लीटर प्रति हेक्टर) का छिड़काव करें | (2) पत्र लपेटक कीट की रोकथाम के लिए क्कीनालफ़ॉस 25 ई.सी. (2 लीटर प्रति हेक्टर) का छिड़काव करें | मक्का मक्का में अधिक बरसात होने पर जल-निकास की व्यवस्था करें। फसल में नर मंजरी निकलने की अवस्था एवं दाने की दूधियावस्था सिंचाई की दृष्टि से विशेष महत्वपूर्ण है। यदि विगत दिनों में वर्षा न हुई हो या नमी की कमी हो तो सिंचाई अवश्य करें। ज्वार ज्वार…

अपनों से अपनी बात

“दोस्तों कृषि एक ऐसा व्यवसाय है जो न तो जीने देता है और न ही मरने देता है।” हो सकता है ये पंक्ती आपको किसी सिनेमा के डायलाग की याद दिला रही हो पर आज कल हमारे मध्यवर्गीय किसान भाई खेती किसानी के बारे में  ऐसे ही कहते फिर रहे हैं। क्योंकि हम खेती को व्यापार के नजरिये से नही देखते हम बस इसे जीविकोपार्जन के भाव से ही अपनाते हैं। अगर आप मूल में जाकर देखें तो अपने कृषि कार्य मे लिप्त लोगों में ही एक बहुत बड़ी आर्थिक असमानता दिखाई देती है। क्या कभी आपने के मन में ख़याल आया आखिर ऐसा क्यों है? ऐसा इसलिए है हम किसान भाई ही अपनी कृषि कार्यों को हीन भावना से देखने लगे हैं। ऐसे सभी लोग जो इसमे अपना पुरुषार्थ आजमा रहे हैं वो उन्नति के पथ पर अग्रसर हैं अन्यथा जो लोग बस इसे जीविकोपार्जन की द्रिष्टि से अपना रहे हैं वो आर्थिक विषमताओं से पराजित हुए पड़ें हैं। भाइयों मेरा मकसद इस लेख के जरिये किसी का आलोचना करना नही बल्कि सच क्या है, और कृषि या खेती के प्रति हमारा रवैया कैसा होता जा रहा है, इसको प्रकाश में लाना है। मतलब ये की आपको जगाना है।…

आइए जाने न्यूनतम समर्थन मूल्य को – कैसे होता है इसका निर्धारण?

किसान अपनी फ़सल को बाज़ार किसी भी क़ीमत पर बेच सकने की लिए स्वतंत्र है, लेकिन अगर कोई ख़रीदार नहीं मिला तो सरकार एक न्यूनतम मूल्य पर उसे ख़रीद लेती है। यह ख़रीद का न्यूनतम मूल्य है इससे नीचे उस फ़सल का दाम कभी नहीं गिर सकता है । क्या होता है न्यूनतम समर्थन मूल्य? किसी भी खाद्यान्न के लिए उत्पादन, आवश्यकता और मूल्य एक दुसरे से सम्बंधित हैं. अगर उत्पादन बढ़ जाता है तो फसल की बिक्री मूल्य कम हो जाती है. अत्यधिक उत्पादन से कृषि उत्पादों के  मूल्यों में भारी गिरावट को रोकने के लिए भारत सरकार मुख्य फसलों का एक न्यूनतम बिक्री मूल्य निरधारित करती है जो उस सत्र के लिए मान्य होता है. कृषि उत्पादों के मूल्यों में किसी तीव्र गिरावट को रोकने के लिए यह सरकार का एक सराहनीय हस्तक्षेप है . भारत सरकार द्वारा, कृषि लागत और मूल्य आयोग (C. A. C. P.) की अनुशंसाओं के आधार पर कुछ फसलों के बुवाई सत्र के आरम्भ में ही न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा किये जाने का प्राविधान है । न्यूनतम समर्थन मूल्य का मुख्य उद्देश्य किसान भाइयों को मजबूरीवश सस्ते कीमतों पर अनाज बिक्री से बचाना और  सार्वजनिक वितरण प्रणाली (P. D. S.) के लिए…

किसान दैनिक : खेती में हमसफ़र।

किसान दैनिक  वृहद भारतीय कृषि के विभिन्न विषयों पर आधारित ऑनलाइन सूचना और समाचार पोर्टल है। मृदा, बीज और उर्वरक के चयन से  लेकर फसल की उगाई, खेती की तकीनीकी, कटाई और खाद्यान्न संरक्षण तक की समस्त जानकारियों और नुख्सों का एक मात्र केंद्र बिंदु।।। हम कृषि को सिर्फ कृषि नहीं बल्कि इसे  एक समग्र मूल श्रृंखला के रूप में देखते हैं, जिसमें खेती, भंडारण, अन्न सन्नरक्षण और  खुदरा बिक्री तक कि समस्त क्रियाएं सम्मिलित हैं। ‘सीखो और बढ़ो’ से प्रेरित निरंतर पुस्तकों, अनुसंधान पत्रिकाओं, उद्योगों, बाज़ारों और अनुभवी लोगों के सटीक ज्ञान के संग्रह के और अपने समस्त किसान भाइयों के बीच पुनः प्रसारण के लिए प्रतिबद्ध हैं । हमारा लक्ष्य है की हम निकट भविष्य में कृषि की समस्त जरूरतों को पूरा करने वाली सभी सूचनाओं का एकल बिंदु स्रोत हों । कृषि कौशल को तीव्र करने तथा उन्नत पैदवार के लिए अचूक रणनिती की सुझबूझ, ज्ञान और सूचना का प्रसार करने के एक मात्र उद्देश्य के साथ, भारतीय किसान भाइयों को समर्पित ।

देश व्यापी होते किसान आन्दोलनों पर एक नज़र।

किसानों के आंदोलन का मुख्य कारण उनकी बद्तर होती जा रही आर्थिक स्थिति है।

किसान फ़सल ऋण माफ़ी योजना, उत्तर प्रदेश

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद आज अपनी पहली कैबिनेट के बैठक में उत्तर प्रदेश के किसानों की आर्थिक हालात सुधारने और कृषि आधारित अर्थव्यस्था को पुनः पटरी पर लाने के लिए लघु और सीमांत किसानों के 31 मार्च, 2016 के बाद बैंकों से लिये हुए फसली ऋण को माफ कर देने का फैसला लिया। इस फैसले के अनुशार प्रदेश सरकार इस योजना से लाभान्वित होने वाले किसान लोगों को 17 अगस्त, 2017 से “कर्ज़ राहत सर्टिफिकेट” प्रदान करना शुरू कर देगी। इस कर्ज़ माफी से जुड़ी कुछ प्रमुख बातें। 31 मार्च, 2016 तक जो भी फसली ऋण किसानों द्वारा बैंकों से लिया गया है उसका 31 मार्च, 2017 को अचुकता अवशेष माफ करने का निर्णय। अचुकता अवशेष का मतलब ये की 31 मार्च, 2016 के पहले का जो भी ऋण है उसका 31 मार्च, 2016 से लेकर 31 मार्च, 2017 तक जितना भी अवशेष अभी किसानों पर बकाया है वो अब माफ हो जाएगा। इस फसली ऋण माफी की अधिकतम सीमा प्रति व्यक्ति एक लाख (₹100,000) होगी। मतलब ये कि अगर एक लाख से अधिक का लोन है तो उसमें से बस एक लाख ही माफ होगा।   योजना की लागत लगभग 36 हज़ार…
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