बागवानी

टमाटर की सुधरी हुई, बेहतर और वैज्ञानिक खेती

टमाटर की खेती आपके सबसे फायदेमंद खेती के निवेशों में से एक हो सकती है। आप टमाटर की खेती की भूमि से अच्छा परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। बाजार में इस फल की मांग हमेशा ज्यादा होती है। टमाटर के स्वास्थ्य लाभ आपके शरीर को स्वस्थ रख सकते हैं और यह आपकी त्वचा को साफ और स्वस्थ रखता है। आइये इस फायदेमंद और पौष्टिक सब्जी की खेती की पूरी प्रक्रिया और बेहतर तौर तेरीकों के बारे में नीचे की लइनों में विस्तार से समझते हैं। यदि आप इस खेती में निवेश करने जा रहे हैं तो आपको इस फल और इसकी प्रकृति पर कुछ आवश्यक ज्ञान इकट्ठा करने की आवश्यकता है। यह फल आपको सभी आवश्यक पोषक तत्वों और विटामिनों को प्राप्त करने में मदद कर सकता है। आप इस फल को साथ में मिला कर विभिन्न व्यंजनों के स्वाद को भी बढ़ा सकते हैं। इन दिनों टमाटर का उपयोग बढ़ रहा है। टमाटर की खेती से होने वाले विभिन्न लाभ टमाटर से आप विभिन्न प्रकार के स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं। आपको यह जानने की जरूरत है कि बाजार में इस फल की बड़ी मांग क्यों है और आपको इस खेती में निवेश करने की आवश्यकता क्यों है। यह एंटीऑक्सिडेंट (Antioxidants) का एक अच्छा स्रोत है। यह रक्त में कोलेस्ट्रॉल…

नीम्बू के ३० बेहतरीन स्वास्थ्यकारी फायदे

नींबू के स्वास्थ्यकारी लाभ व फायदे नींबू का प्रयोग सलाद में या फिर सब्जियों का टेस्ट बढ़ाने के लिए किया जाता है लेकिन क्या आप जानते हैं। नींबू बेहद फायदेमंद और गुणकारी हैं। नींबू के प्रयोग से आप न‍ सिर्फ अपना सौंदर्य निखार सकते हैं, बल्कि यह आपको फिट और स्‍वस्‍थ रखने के लिए भी लाभकारी है। यानी नींबू एक, लाभ अनेक। आइए जानें नींबू से होने वाले लाभों के बारे में  नीबू के जूस से शरीर की रोग-प्रतिरोधी क्षमता मजबूत होती है लेकिन इससे मोटापा नहीं बढ़ता है। इसके सेवन से आप बिना कमजोरी के वजन घटा लेंगे। यह न सिर्फ पतला करने बल्कि मोटापा बढ़ाने में भी लाभकारी है। वजन बढ़ाना चाहते हैं, तो रोज नीबू में एक चम्मच शक्कर मिलाकर उसका जूस पीयें।   नींबू बालों के लिए भी काफी अच्छा होता है, बालों में लगाने पर बालों पर ऱूसी का असर नहीं होता है।   नींबू में साइट्रिक एसिड होता है, और इसमें में विटामिन सी पाया जाता है, जो हडि़डयों को मजबूती देने के लिए किफायती है।   सौंदर्य निखारने यानी चेहरे पर कच्चे दूध में नीबू का रस मिला कर लगाने से चेहरे के सारे दाग मिट जाते हैं।   कोहनी पर नींबू के…

प्रकृति का चमत्कार है नीम – नीम के फायदे

नीम के फायदे नीम – प्रकृति का चमत्कार अन्य लेख की भातिं यह लेख नीम तथा उसके स्वास्थ्य लाभों पर आधारित है। नीम भारतीय मूल का सदबहार पेड़ है। नीम के बहुत सारे फायदे है। नीम के फायदे अनगिनत हैं। नीम का पेड़ तथा इसके हिस्से कई तरह के बीमारी उपयोगी हैं। नीम के पत्ते के रस में बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने की क्षमता होती है। नीम के पेड़ को आयुर्वेदिक वृक्ष या नीम के पेड़ का हर हिस्सा उपयोगी है- चाहे नीम के पत्ते हो, नीम के पेड़ की छाल हो, तने हो, या फिर जड़। नीम है तो बहुत ही उपयोगी, परन्तु इसका स्वाद बहुत ही कड़वा होता है। नीम का आयुर्वेद में खास स्थान है। आयुर्वेद में इस्तेमाल करीब 4000 साल से भी पहले से हो रहा है। चमत्कारी वृक्ष भी कह सकते है। नीम के तमाम फायदे: आपको स्किन (त्वचा) सम्बन्धी बीमारी हो या मलेरिया हो। आप नीम की छाल का प्रोयोग कर सकते है।मुंह के छाले, मुहासे, खुजली, मधुमेह, ह्रदय रोग, कैंसर, एलर्जी और पीलिया इस्त्यादी जैसे बीमारी में नीम का उपयोग करना लाभकारी साबित होता है। नीम (Neem) से कीड़े मरते है, इसलिए नीम के पत्ते को कपडे और अनाज में रखना चाहिए। नीम…

गुलाब की खेती का विस्तृत विश्लेषण

 भूमिका गुलाब अपनी उपयोगिताओं के कारण सभी पुष्पों में महत्त्वपूर्ण स्थान रखता है। आमतौर पर गुलाब का पौधा ऊंचाई में 4-6फुट का होता है। तने में असमान कांटे लगे होते हैं। गुलाब की 5 पत्तियां मिली हुई होती है। बहुत मात्रा में मिलने वाला गुलाब का फूल गुलाबी रंग का होता है। गुलाब का फल अंडाकार होता है। इसका तना कांटेदार, पत्तियां बारी-बारी से घेरे में होती है। पत्तियों के किनारे दांतेदार होती है। फल मांसल बेरी की तरह होता है जिसे ‘रोज हिप’ कहते हैं। गुलाब का पुष्पवृन्त कोरिम्बोस, पेनीकुलेट या सोलिटरी होता है। गुलाब एक भारतीय पुष्प है। पूरे भारत में गुलाब के पौधे पाए जाते हैं। गुलाब का वैज्ञानिक नाम रोजा हाइब्रिडा है। देशी गुलाब लाल रंग का होता है। परन्तु कलम करके कई रंगो के गुलाब उगाए जाते हैं। गुलाब एक ऐसा फूल है, जिसके बारे में सब जानते हैं। गुलाब का फूल दिखने में जितना अधिक सुन्दर होता है। उससे कहीं ज़्यादा उसमें औषधीय गुण होते हैं। यह सबसे पुराना सुगन्धित पुष्प है, जो मनुष्य के द्वारा उगाया जाता था। इसके विभिन्न प्रकार के सुन्दर फूल जो कि आर्कषक, आकृति, विभिन्न आकार, मन को लुभाने वाले रंगों और अपने विभिन्न उपयोगिताओं के कारण एक महत्त्वपूर्ण पुष्प माना…

भारत मे फूलों की खेती

भूमिका भारत में पुष्प की खेती एक लंबे अरसे से होती रही है, लेकिन आर्थिक रूप से लाभदायक एक व्यवसाय के रूप में पुष्पों का उत्पादन पिछले कुछ सालों से ही प्रारंभ हुआ है। समकालिक पुष्प जैसे गुलाब, कमल ग्लैडियोलस, रजनीगंधा, कार्नेशन आदि के बढ़ते उत्पादन के कारण गुलदस्ते और उपहारों के स्वरूप देने में इनका उपयोग काफ़ी बढ़ा है। पुष्प को मनुष्य के द्वारा सजावट और औषधि के लिए उपयोग में लाया जाता है। इसके अलावा घरों और कार्यालयों को सजाने में भी इनका उपयोग बहुतायत से होता है। मध्यम वर्ग के जीवनस्तर में सुधार और आर्थिक संपन्नता के कारण पुष्प बाज़ार के विकास में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया और फूलों की खेती को एक विशाल बाज़ार का स्वरूप प्रदान कर दिया है। भारत ने पुष्प उत्पादन में उल्लेखनीय प्रगति की है। फूलों की खेती में संभावनाएं भारत में कई कृषि – जलवायु क्षेत्र है जो नाजुक और कोमल फूलों की खेती के लिए अनुकूल है। उदारीकरण के पश्चात के दशक के दो दौरान पुष्पकृषि ने निर्यात के क्षेत्र में विशाल कदम रखा है। इस युग में सतत उत्पादन के स्थान पर वाणिज्यिक उत्पादन के साथ गतिशील बदलाव देखा गया है। वर्ष 2012-13 के दौरान, राष्ट्रीय  बागवानी बोर्ड द्वारा प्रकाशित…
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