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20 नये कृषि विज्ञान केन्द्र खोलेगी उत्तर प्रदेश सरकार : सूर्य प्रताप शाही

उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि , कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में 20 नया कृषि विज्ञान केन्द्र खोला जायेगा। इससे किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती करने की योजनाओं का लाभ खेत से खलिहान तक मिलेगा। आज उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के कृषि विज्ञान केन्द्र बंजरिया में आयोजित संकल्प से सिद्धि न्यू इण्डिया मंथन कार्यक्रम का शुभारम्भ करने के बाद आयोजित समारोह को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 69 कृषि विज्ञान केन्द्र कार्यरत है। 20 नया कृषि विज्ञान केन्द्र खुलने से किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती की जानकारी होगी और किसानों की आमदनी में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वर्ष 2022 तक किसानों की आमदनी दुगुना करना चाहते है। इसके लिए किसानों को नयी तकनीकीविधि उपकरण और संतुलित खाद का उपयोग करना होगा। इस दिशा में कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में सक्रिय भागीदारी निभावें, किसानों की आमदनी बढ़ने से देश आत्म निर्भर होगा। प्रदेश के कृषि विश्व विद्यालय कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए लगातार शोध कार्य करके अनुभवों को आपस मंे आदान-प्रदान कर रहे है। इस मौके पर कृषि मंत्री द्वारा संकल्प पत्र पढ़ा गया जिसे किसानों ने…

वाणिज्य मंत्रालय कृषि निर्यात के लिए जल्द ही नई नीतियां लाने के लिए प्रतिबद्ध: सुरेश प्रभु

वाणिज्य मंत्रालय भारतीय किसानों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों को खोलने की कोसिस में है। अगर ऐसा होता है तो किसान भाई लोग अपने उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में भी बेच पाएंगे और बेहतर कीमत पा सकेंगे।

किसान दैनिक : खेती में हमसफ़र।

किसान दैनिक  वृहद भारतीय कृषि के विभिन्न विषयों पर आधारित ऑनलाइन सूचना और समाचार पोर्टल है। मृदा, बीज और उर्वरक के चयन से  लेकर फसल की उगाई, खेती की तकीनीकी, कटाई और खाद्यान्न संरक्षण तक की समस्त जानकारियों और नुख्सों का एक मात्र केंद्र बिंदु।।। हम कृषि को सिर्फ कृषि नहीं बल्कि इसे  एक समग्र मूल श्रृंखला के रूप में देखते हैं, जिसमें खेती, भंडारण, अन्न सन्नरक्षण और  खुदरा बिक्री तक कि समस्त क्रियाएं सम्मिलित हैं। ‘सीखो और बढ़ो’ से प्रेरित निरंतर पुस्तकों, अनुसंधान पत्रिकाओं, उद्योगों, बाज़ारों और अनुभवी लोगों के सटीक ज्ञान के संग्रह के और अपने समस्त किसान भाइयों के बीच पुनः प्रसारण के लिए प्रतिबद्ध हैं । हमारा लक्ष्य है की हम निकट भविष्य में कृषि की समस्त जरूरतों को पूरा करने वाली सभी सूचनाओं का एकल बिंदु स्रोत हों । कृषि कौशल को तीव्र करने तथा उन्नत पैदवार के लिए अचूक रणनिती की सुझबूझ, ज्ञान और सूचना का प्रसार करने के एक मात्र उद्देश्य के साथ, भारतीय किसान भाइयों को समर्पित ।

उत्तर प्रदेश के किसान अपने फसली ऋण के माफ़ी का स्टेटस यहाँ से चेक करें

योगी आदित्य नाथ की अध्यछ्ता वाली उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शपथ ग्रहण करने के बाद अपनी पहली ही कैबिनेट बैठक मे अपने संकल्प पत्र में किये गये वायदे के मुताबिक किसानों का कृषि ऋण रूपये एक लाख तक माफ करने का निर्णय लिया गया। एन.आई.सी उत्तर प्रदेश द्वारा विकसित आनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्रदेश के सभी सीमान्त और लघु किसानों द्वारा 31-03-2016 तक लिये गये कृषि ऋण का विवरण बैंकों ने एन० आई० सी० (National Informatics Centre/ NIC /निक ) लखनऊ को भेज दिया। इसके बाद निक ने सारे डाटा को सम्बंधित तहसीलों और जिलों पर राजस्व अधिकारीयों के टीम को गहन सत्यापन करने के लिये भेजा।जिससे कि कोई भी उचित किसान इस योजना से शेष न रह जाय , तथा कोई गलत किसान इसका लाभ न लेने पाये। योजना को पूर्ण पारदर्शिता के साथ लागू करना सरकार का उद्देश्य है। इसी कड़ी में सरकार ने अब सभी किसानों का जो फ़सल ऋण माफ़ी योजना के लाभार्थी हैं, उनका डेटाबेस ऑनलाइन कर दिया है—- अपना रिकॉर्ड देखने के लिये निम्न दस्तावेजों के साथ नीचे के लिंक पर क्लिक करें, और फिर नए टैब में खुलने वाले पेज पर सम्बंधित सूचनाओं को भरने के बाद अपने ऋण माफ़ी की स्तिथि…

किसानों को देश के प्रधानमंत्री का आश्वाशन

आज 71वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की दीवार से समस्त देश वाशियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी  ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के बावजूद देश के किसानों ने फसल के साथ साथ दाल का रिकार्ड उत्पादन किया है। उन्होंने कृषि क्षेत्र में सिंचाई समेत बुनियादी ढांचा पर जोर देते हुए कहा कि सरकार किसानों के लिए बीज से लेकर बाजार तक की व्यवस्था विकसित करने में लगी है और इससे करोड़ों किसानों की जिंदगी में एक नया बदलाव आएगा। उन्होंने ने कहा कृषि को एक संपूर्ण श्रृंखला के रुप मे देखा जाएगा जिसमे उचित बीज से लेकर फसल के उचित मूल्य निहित है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘किसान को बीज से बाजार तक जब तक व्यवस्था नहीं दी जाती, हमारे किसान के भाग्य को हम नहीं बदल सकते हैं। और इसलिए उसके लिए बुनियादी ढांचा चाहिए, उसके लिए आपूर्ति श्रृंखला चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हर साल लाखों-करोड़ों रुपयों की हमारी सब्जी, फल और फसल बर्बाद हो जाती है और इसलिए उसको बदलने के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को बढ़ावा दिया गया ताकि खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में दुनिया हमारे साथ जुड़े।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सरकार बुनियादी ढांचा को बढ़ावा दे रही है। किसान संपदा योजना लागू की…

देश व्यापी होते किसान आन्दोलनों पर एक नज़र।

किसानों के आंदोलन का मुख्य कारण उनकी बद्तर होती जा रही आर्थिक स्थिति है।

किसान फ़सल ऋण माफ़ी योजना, उत्तर प्रदेश

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद आज अपनी पहली कैबिनेट के बैठक में उत्तर प्रदेश के किसानों की आर्थिक हालात सुधारने और कृषि आधारित अर्थव्यस्था को पुनः पटरी पर लाने के लिए लघु और सीमांत किसानों के 31 मार्च, 2016 के बाद बैंकों से लिये हुए फसली ऋण को माफ कर देने का फैसला लिया। इस फैसले के अनुशार प्रदेश सरकार इस योजना से लाभान्वित होने वाले किसान लोगों को 17 अगस्त, 2017 से “कर्ज़ राहत सर्टिफिकेट” प्रदान करना शुरू कर देगी। इस कर्ज़ माफी से जुड़ी कुछ प्रमुख बातें। 31 मार्च, 2016 तक जो भी फसली ऋण किसानों द्वारा बैंकों से लिया गया है उसका 31 मार्च, 2017 को अचुकता अवशेष माफ करने का निर्णय। अचुकता अवशेष का मतलब ये की 31 मार्च, 2016 के पहले का जो भी ऋण है उसका 31 मार्च, 2016 से लेकर 31 मार्च, 2017 तक जितना भी अवशेष अभी किसानों पर बकाया है वो अब माफ हो जाएगा। इस फसली ऋण माफी की अधिकतम सीमा प्रति व्यक्ति एक लाख (₹100,000) होगी। मतलब ये कि अगर एक लाख से अधिक का लोन है तो उसमें से बस एक लाख ही माफ होगा।   योजना की लागत लगभग 36 हज़ार…
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